दिल में उठी हर बात को कहा नहीं जाता,
जलना ही है तो चिराग बन, उजाले के लिए,
अंधो के शहर में आइना बेंचा नहीं जाता॥
जलना ही है तो चिराग बन, उजाले के लिए,
चिराग बन कर चिराग से जला नहीं जाता॥
आसमान पे नज़र रखने वाले पैर ज़मीं पे रख,
औरो के कंधो पर चढ़ कर कभी उड़ा नहीं जाता॥
कुछ पाने के लिए कुछ दे दिया तो सौदा हुआ,
पर दोस्ती में तो खुदगर्ज बना नहीं जाता॥
जैसा देस हो वैसा भेस भी होना चाहिए मुसाफिर,
अंगारों के बिच कागज़ का लिबास ओढ़ा नहीं जता॥
आसमान पे नज़र रखने वाले पैर ज़मीं पे रख,
औरो के कंधो पर चढ़ कर कभी उड़ा नहीं जाता॥
कुछ पाने के लिए कुछ दे दिया तो सौदा हुआ,
पर दोस्ती में तो खुदगर्ज बना नहीं जाता॥
जैसा देस हो वैसा भेस भी होना चाहिए मुसाफिर,
अंगारों के बिच कागज़ का लिबास ओढ़ा नहीं जता॥
